Saturday, 29 March 2014

उड़ान..


मैंने लहरों को ही अपना किनारा बनाया है,

गारे और पत्थरों से अपना घर सजाया है.

ज़िन्दगी में खायी हैं ठोकरें इतनी,

की अब तो कमज़ोरियो को ही अपनी ताक़त बनाया है.

अंधेरों में जब आसमान का न दिखता था कोई ओर- छोर,

ऐसे में भरी हैं उड़ाने इतनी,

की अब तो अपनी उड़ान को ही अपना क्षितिज बनाया है.

मैंने गारे और पत्थरों से अपना घर सजाया है.

रिश्तों की आड़ में छुपे , मिले हैं दुश्मन और दोस्त,

खाए हैं पीठ पर वार और जख्म इतने,

की अब तो आंसुओं से ही, अपने पानिओं को मीठा बनाया है;

मैंने गारे और पत्थरों से अपना घर सजाया है !

3 comments:

  1. struggle help u learn more thngs in better way.. a person who have not struggled have nt experienced challenges in life ..no matter how big ur home is..what matters is how u made ur home :)

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  2. Only in your worst moments,,you find out,,who you really are..(Y)

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  3. The struggle! It defines who we are! Amazing! :-)

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