बेकार की बातों से बोझिल मन को,
आ मुक्त कर दें अभी;
ब्रेन के ब्लैक बोर्ड से,
फ़िज़ूल की जानकारियों के फोर्मुले,
आ मिटा दें सभी ;
फिर इसे खाली आकाश सा बना ,
कोई चिड़िया उड़ा दें कभी ,
बादल के एक टुकड़े में ,
बूढी नानी का चेहरा ढूँढें कभी ;
और रात को चाँद से भी ;
मामा का रिश्ता बना लें कभी .
तुम्हारे भीतर का एक छोटा सा बच्चा,
व्यस्तता का मुंह ताक-ताक कर ,
जो ऊँघने लगता है कभी - कभी ,
थोडा सा जतन कर के ,उठा दो उसे,
गुदगुदी कर के हंसा दो उसे कभी ,
तो चादर तान कर और खराटे मार कर
सोएगी नहीं ये ज़िन्दगी !!
आ मुक्त कर दें अभी;
ब्रेन के ब्लैक बोर्ड से,
फ़िज़ूल की जानकारियों के फोर्मुले,
आ मिटा दें सभी ;
फिर इसे खाली आकाश सा बना ,
कोई चिड़िया उड़ा दें कभी ,
बादल के एक टुकड़े में ,
बूढी नानी का चेहरा ढूँढें कभी ;
और रात को चाँद से भी ;
मामा का रिश्ता बना लें कभी .
तुम्हारे भीतर का एक छोटा सा बच्चा,
व्यस्तता का मुंह ताक-ताक कर ,
जो ऊँघने लगता है कभी - कभी ,
थोडा सा जतन कर के ,उठा दो उसे,
गुदगुदी कर के हंसा दो उसे कभी ,
तो चादर तान कर और खराटे मार कर
सोएगी नहीं ये ज़िन्दगी !!

Lets leave the complexities of life and enjoy the world like a child ;)
ReplyDeleteEveryone is so busy in their day to day life, we forget to enjoy ourselves..
ReplyDelete